World's First Islamic Blog, in Hindi विश्व का प्रथम इस्लामिक ब्लॉग, हिन्दी मेंدنیا کا سبسے پہلا اسلامک بلاگ ،ہندی مے ਦੁਨਿਆ ਨੂ ਪਹਲਾ ਇਸਲਾਮਿਕ ਬਲੋਗ, ਹਿੰਦੀ ਬਾਸ਼ਾ ਵਿਚ
आओ उस बात की तरफ़ जो हममे और तुममे एक जैसी है और वो ये कि हम सिर्फ़ एक रब की इबादत करें- क़ुरआन
Home » , , » मुसलमान होने का लाभ (Benefits of Becoming a Muslim)

मुसलमान होने का लाभ (Benefits of Becoming a Muslim)

Written By Saleem Khan on मंगलवार, 27 जुलाई 2010 | मंगलवार, जुलाई 27, 2010

आज मैं आपको मुसलमान होने के फायदे बताऊंगा. अगर कोई मुसलमान है तो उसे क्या क्या फायदे है या कोई अगर मुसलमान बनता है तो उसके उसे क्या क्या फायदे होंगे? जहाँ तक इस क़ायनात (सृष्टि) के मालिक (जिसका वास्तविक नाम 'अल्लाह' है) का संबंध है, आप उसे उसकी बहुत सी निशानियों के ज़रिये आसानी से पहचान सकते हैं, आप उसे अपने नजदीक कर सकते हैं, उसके नामों के ज़रिये अपने और उसके रिश्ते को समझ सकते हैं और आप उसे दिन में २४ घंटे और पूरे साल अपनी नमाजों के ज़रिये अपनी बात कह सकते हैं. आप इस दुनिया में क्यूँ आये? आपका इस दुनिया में पैदा होने का मकसद क्या है? सबसे बड़ी बात है कि आप के पास जवाब होंगे उन सब शब्दों के जिन्हें क्यूँ, कैसे, कब, कहाँ, क्या और दीगर दार्शनिक और तत्वज्ञान सम्बन्धी सवालों के.

सबसे पहला फ़ायदा तो यह है कि आपकी वफ़ादारी, ईमानदारी, सच्चाई, आज्ञापालन, आज्ञापरता केवल आपके मालिक (creator) के लिए ही होंगी. आप इस दुनिया में अपनी उक्त विशेषताओं से पहचाने जायेंगे. आपका संघर्ष चाहे वो आपके बॉस से हो, आपकी नौकरी या पेशे से हो, आपके निज़ाम (गवर्नमेंट) से हो, आपके सामाजिक तंत्र से हो, सब के सब आप के उस मालिक (अल्लाह) से सम्बद्ध होगा, आप बेशक (undoubtedly) अपने मालिक (अल्लाह) पर विश्वास करेंगे. आप किसी अन्य का अनुसरण करने के बजाये उस एक ईश्वर के नियमों का अनुसरण करेंगे.

दूसरा फ़ायदा यह होगा कि आप अपने आप में, अपने परिवार में, इस दुनिया के लोगों में, वातावरण में, और इस दुनिया में शांति का, अनुरूपता का, अक्षोभ और खुशियों और आनंद का संचार करेंगे.

तीसरा फ़ायदा यह होगा कि आपके शरीर पर, मष्तिष्क पर, तंत्रिका तंत्र पर कोई फालतू का जोर और टेंशन नहीं रहती है क्यूंकि आप दिन में पांच बार वुज़ुः (मुहं, हाँथ और पैर धोना) करके नमाज़ पढ़ते है और अपने मालिक (अल्लाह) से दुआ करते हैं. नमाज़ में जब आप सज़दा करते हैं तो अपना माथा ज़मीन पर रखते हैं इस प्रक्रिया में आप अपनी सारी टेंशन और अपने मस्तिष्क के अतिरिक्त बिना मतलब के भार को ज़मींदोज़ (ख़त्म) कर देते हैं. नमाज़ पढने से आप अपनी तमाम चिंताओं के हल के लिए अल्लाह दुआ करते है और चिंतामुक्त होते हैं. यहीं नहीं नमाज़ के ज़रिये आप के शरीर के तमाम मनोरोग भी दूर हो जाते हैं. जिस तरह से अगर आप कहीं जा रहे हों रास्ते में अगर आपको जगह-जगह पर नहरें मिले और आप उसमें हर बार नहा लें तो किन्हीं दो नहरों के बीच आपके शरीर पर जितनी भी धुल या गन्दगी जमेगी/हो जायेगी वह धुलती जायेगी. ठीक उसी तरह से आप अगर दिन में पांच मर्तबा नमाज़ पढेंगे तो दो नमाजों के बीच के गुनाह ख़त्म हो होते जायेंगे और आपका मन शांत रहेगा वह सब काम नहीं करेगा जो आपके मालिक के नियमों विरुद्ध होगा.

चौथा फ़ायदा यह होगा कि आपका व्यक्तित्व आकर्षक (कांतिमय) बन जायेगा. आप अनुकूल और मित्रवत रहेंगे. आप ग़लत काम से परहेज़ करेंगे, आप शराब नहीं पीयेंगे, ड्रग्स नहीं लेंगे, अश्लील हरक़त नहीं करेंगे, व्यभिचार नहीं करेंगे.

पांचवां फ़ायेदा यह है कि साल में एक महीने रोज़ा रखने के उपरांत आप अपने पर आत्म-नियंत्रण, आत्मानुशासन, आत्म-शिक्षा, आत्म-अनुपालन के दूर सीख लेते हैं . आप बेशक अपनी सेहत, व्यक्तित्व, चरित्र और स्वाभाव को सुधार लेते हैं.

छठवां फ़ायदा यह है कि हवस (lust), स्वार्थपरायणता (selfishness), इच्छाओं (desires), लालच (greed), अंहकार (ego), दम्भ (conceitedness) आदि दुर्गुणों से दूर रहते है और इन दुर्गुणों पर नियंत्रण रख पाते हैं.

सातवां फ़ायेदा है कि आप आर्थिक, जैविक, मानसिक, आध्यात्मिक, मनोवैज्ञानिक, राजनैतिक आदि क्षेत्र के सभी प्रकार के exploitations रोकने में सक्षम होते हैं. आप लोगों की आज़ादी के समर्थक होंगे, उन्हें बोलने की आज़ादी के, इबादत की आज़ादी के, समतुल्य संबंधों के पक्षधर होंगे, निरपेक्षता (चाहे वो धार्मिक ही क्यूँ न हो) के पक्षधर होंगे. आप नेता होंगे और लोगों में शांति, अक्षोभ (प्रशांति) और खुशियों का नेतृत्व करेंगे.

आठवां फ़ायेदा यह कि इस्लाम स्वीकार करने के उपरांत आप समाज की बुराईयों से दूर रहेंगे और अच्छाईयों अमल करेंगे. आप मुसलमान बनने के बाद समाज की बुराईयों को बढ़ने से रोकने में मदद करेंगे. जैसे- कर्त्तव्यच्युति, अपचार. पापचरित्र, बाल-अपराध, घरेलु हिंसा, कौटुम्बिक व्यभिचार (सगे-संबंधी के साथ यौन सम्पर्क), समलिंगकामुकता, स्वच्छन्द संभोग, विवाहपूर्व यौन-सम्बन्ध, विवाहेत्तर संबंधों आदि समस्त दोषों से दूर रहेंगे.

नौवां फ़ायेदा यह है कि आप समाज में उन बिमारियों से दूर कम कर सकेंगे जो ला-इलाज हैं मसलन- AIDS आदि

दसवां फ़ायेदा यह होगा कि जब आपकी मृत्यु होगी, आप शांति से मृत्यु को प्राप्त होंगे, कब्र की और उसके बाद की ज़िन्दगी भी खुशमय होगी, अविनाशी सुख के भोगी होंगे, आपकी मौत पर आपका साथ पाने के लिए अप्साए लालायित होंगी, वे स्वर्ग (जन्नत) में आपकी मुक़र्रर (आरक्षित) जगह तक ले जाएँगी, आखिरी दिन (क़यामत के दिन, हिसाब-किताब के दिन) आप सारे नबियों, पैगम्बरों (ईश्वर के संदेष्टाओं) जैसे- हज़रत नूह (अ.स.), हज़रत इब्राहीम (अ.स.), हज़रत मूसा (अ.स.), हज़रत ईसा (अ.स.) और हज़रत मुहम्मद (अल्लाह की उन पर शांति हो) को देख सकेंगे और उनसे मुलाक़ात कर सकेंगे. आप अपने सरे दोस्तों, रिश्तेदारों, गर के फर्दों और महबूब को देख सकेंगे. आप जन्नत में अनंत जीवन व्यतीत करेंगे. (अल्लाह बेहतर जानने वाला है)

जो लाभ या फ़ाएदे और अन्य लाभ जो यहाँ अंकित नहीं कर सका, को आप दुनिया भर की दौलत देकर भी नहीं ख़रीद सकते. तो क्या आप राज़ी है इस दावा को स्वीकार करने के लिए....!??? 


कल कभी नहीं आएगा.
- सलीम खान
Share this article :

116 comments:

समीउद्दीन नीलू ने कहा…

nice post

समीउद्दीन नीलू ने कहा…

जब आपकी मृत्यु होगी, आप शांति से मृत्यु को प्राप्त होंगे, कब्र की और उसके बाद की ज़िन्दगी भी खुशमय होगी, अविनाशी सुख के भोगी होंगे, आपकी मौत पर आपका साथ पाने के लिए अप्साए लालायित होंगी, वे स्वर्ग (जन्नत) में आपकी मुक़र्रर (आरक्षित) जगह तक ले जाएँगी, आखिरी दिन (क़यामत के दिन, हिसाब-किताब के दिन) आप सारे नबियों, पैगम्बरों (ईश्वर के संदेष्टाओं) जैसे- हज़रत नूह (अ.स.), हज़रत इब्राहीम (अ.स.), हज़रत मूसा (अ.स.), हज़रत ईसा (अ.स.) और हज़रत मुहम्मद (अल्लाह की उन पर शांति हो) को देख सकेंगे और उनसे मुलाक़ात कर सकेंगे. आप अपने सरे दोस्तों, रिश्तेदारों, गर के फर्दों और महबूब को देख सकेंगे. आप जन्नत में अनंत जीवन व्यतीत करेंगे.

समीउद्दीन नीलू ने कहा…

आप ग़लत काम से परहेज़ करेंगे, आप शराब नहीं पीयेंगे, ड्रग्स नहीं लेंगे, अश्लील हरक़त नहीं करेंगे, व्यभिचार नहीं करेंगे

कैरियर्स वर्ल्ड ने कहा…

सशक्त लेख

EJAZ AHMAD IDREESI ने कहा…

वो तो मैं उठा ही रहा हूँ

Khursheed ने कहा…

ati sundar aalekh

सलीम ख़ान ने कहा…

समीउद्दीन जी, एजाज़ जी शुक्रिया

सलीम ख़ान ने कहा…

Dear Readers !

If you really like this blog please become FAN on facebook. You have to just click on 'Like It' or 'PASAND HAI'on the widget of facebook in the right side bar.

JazakALLAH Khair !

"fuck"ruddin ने कहा…
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
DR. ANWER JAMAL ने कहा…

saleem साहब ने जो मुद्दा उठाया है, वाक़ई उसपर तवज्जो दी जानी चाहिये। लेकिन इस देश के लोगों को जाने क्या हो गया है कि अपनी परंपराओं को छोड़कर उन पश्चिमी लोगों के रिवाज अपना रहे हैं जिन्हें देश से निकालने के लिये लोगों ने अपनी जानें दीं अपने परिवार तबाह कर लिये। अपनी परंपराओं में विश्वास नहीं है और उन्हें छोड़कर दूसरी परंपरा अपनानी है तो फिर इस्लामी परंपरा को अपनाना चाहिये। जिसमें व्यभिचार को रोकने के लिये संपूर्ण उपाय हैं। मैंने इस सब्जेक्ट पर कई बार लिखा है जो मेरे ब्लॉग पर देखा जा सकता है। इसलाम से नफ़रत इस देश को तबाह कर देगी। इसलाम को समझो और अपनाओ। यह ईश्वरीय है, सरल है, वर्तमान समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप है। जीवन के हरेक पक्ष में यह रास्ता दिखाता है। सन्यास लेना इसलाम में वर्जित है। जीवन की ज़िम्मेदारियां सही ढंग से पूरी करना ही जन्नत की गारंटी है। यहां न भोग में अति है और न ही वैराग्य में। हरेक चीज़ में संतुलन है , सौंदर्य है। सेक्स को इस्लाम में घृणित नहीं माना गया है। सेक्स ईश्वर का वरदान है, एक रचनात्मक ताक़त है। इसका सम्यक उपयोग केवल इस्लाम सिखाता है। आज के मां बाप अगर अपने लड़के लड़कियों को सेक्सुअली तबाह होने बचाना चाहते हैं तो उन्हें अपने बच्चों को सेक्स के संबंध में इसलाम के नियमों का ज्ञान करवाना चाहिये।
इस लाजवाब पोस्ट के लिये आपको बधाई।

बेनामी ने कहा…
इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.
बेनामी ने कहा…

wah wah. tabhi pakistan men sabse jyada porn sites dekhi jati hain....
allah porn site dekhne wale ko maaf karta hai, wah bada dayalu hai.

बेनामी ने कहा…

wah wah. tabhi pakistan men sabse jyada porn sites dekhi jati hain....
allah porn site dekhne wale ko maaf karta hai, wah bada dayalu hai.

MLA ने कहा…

Nice Post. Kamaal ki jaankari

MLA ने कहा…

Bhai बेनामी, yeh post Musalmaano ke liye hai na ki Pakistaniyo ke liye, aur voh bhi naam ke musalmano ke liye nahi balki asal musalmano ke liye.

honesty project democracy ने कहा…

सलीम जी ऊपर के जितने भी गुण है वो एक इन्सान में भी होती है तो इसे मुसलमान होना क्यों कहेंगे ,अच्छे बुडे लोग हर कौम में हैं इसलिए इन्सान तो न हिन्दू देखेगा और न ही मुसलमान वह सिर्फ और सिर्फ इंसानियत को देखेगा | आप लिखते अच्छा हो लेकिन हिन्दू मुसलमान का जिक्र कर उस अच्छाई को गलत दिशा दे देते हो नहीं तो आपके विचारों का व्यापक असर परेगा | हमारा आपसे एक बार फिर आग्रह है की आप हिन्दू मुसलमान से ऊपर उठकर लिखना शुरू कीजिये |

आशुतोष भार्गव ने कहा…

@ honesty project democracy

श्रीमान जी, ये गन्दी नाली के जलील लोग इससे ऊपर उठ ही नहीं सकते/ इन्सानियत जैसे शब्दों को भला ये लोग क्या जाने/ ये लोग सिर्फ जूते की भाषा समझते हैं/

इस्लामिक वेबदुनिया ने कहा…

सलीम साहब मेरा मानना है कि महज दस फायदों का नाम ही इस्लाम नहीं है।
हां, यह कह सकते हैं कि यह दस मोटे और बड़े फायदे हैं। वरना इस्लाम के फायदे तो वही शख्स महसूस कर सकता है जो इस्लाम के मुताबिक अपनी जिंदगी गुजारता है, चाहे वह मुस्लिम घराने में पैदा होने वाला शख्स हो या फिर इस्लाम अपनाने वाला दूसरा कोई शख्स। इस्लामिक जिंदगी तो उस गूंगे के गुड़ के समान है जो खाने वाला ही महसूस कर सकता बयान नहीं कर सकता। बयान करने के लिए गूंगे के पास जबान नहीं होती और इस्लामिक जिंदगी गुजारने वाले के पास अल्फाज।

इस्लामिक वेबदुनिया ने कहा…

@ आशुतोष भार्गव जी
शायद तुम्हारे मजहब और परिवार वालों से तुम्हें ऐसी ही परवरिश मिली है जैसा आपने यहां अपनी टिप्पणी में दर्शाया है।

ab inconvinienti ने कहा…

हां हंस रहे हैं जी....... पढ़ भी रहे हैं और हंस भी रहे हैं..... बड़ा मजेदार मजाक है जी ... हा हा हा हा ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा ही ही ही ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा ही ही ही ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा ही ही ही ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा ही ही ही ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा ही ही ही ही ही ही ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हाही ही ही ही ही ही ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हाही ही ही ही ही ही ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा

बेनामी ने कहा…

हमारी अंजुमन se badal kar CUTLETS ki ANJUMAN naam rakho

चंद्र ने कहा…

मै इस्लाम से प्रभावित हुआ हुँ इस्लाम की शिक्षा को जीवन मे लाना चाहता हुँ मुसलमान बनने के लिए क्या क्या क्रिया विधियाँ करवाई जाती है ?

बेनामी ने कहा…

चन्द्र बाबू,
कुछ भी नहीं करना है , अपनी सगी बहन से शादी कर ले , भाई है तो उसकी पीठ पर छुरा घोंप दे , बात बात पे झूट बोलना सीख ले और उस झूट को इतनी बार दोहरा ताकि वह सच लगने लगे . आस-पास के कमजोर लोगो को डराना धमकाना सीख, हो सके तो हफ्ता भी वसूल ...... बस बन गया तू भी पक्का मुसलमान . हां दिन में ५-६ बार उठक-बैठक जरूर करना .

एक विचार ने कहा…

बहुत अच्छी पोस्ट...
और अच्छी जानकारी

बेनामी ने कहा…

बेनामी जायदातर हिंदू अपनी बहन से शादी करते है,

कैसे ?

"हिंदू मे कहते है ना प्राण जाए वचन ना जाए"

अब देखो रोज स्कूल मे बच्चे ये वचन लेते है भारत मेरा देश है समस्त भारतीये मेरे भाई बहन है

ये वचन रोज लेने पर भी शादी मे पति पत्नी के वचन लें लेते है

वचन तो कोई हिंदू निभाता ही नही चाहे बचपन मे स्कूल मे लिया गया हो चाहे पति पत्नी बनने पर,


"ये वचन भी बहुत बार लेते है"

मै अपने देश की सेवा करूँगा (बिना मेवे के नही)

डॉलर कमाने विदेश चला जाओ लोगो को कहो मै तो देश की सेवा कर रहा हुँ यहाँ से विदेशी मुद्रा भेज रहा हुँ

( देश को लात मारकर विदेश कमाने चला जाओ और वही बस जाओ, फिर व्हान से ट्विटटर, फेसबूक , से संदेश भेजू "मुझे भारत की बहुत याद आती है" जब इससे भी अपनी देशभक्ति साबित नही कर पाए तो ब्लॉग लिख और वो भी हिन्दी मे, ताकि देश भक्ति पर सवाल नही उठे)

बाकी हफ़्ता वसूली डराना धमकाना तो मोदी और उसकी सरकार के मंत्री से लेकर संतरी तक कर ही रहे है

झूट तो भारत मे बोलना पाप है इसलिए झूट कोई नही बोलता हिंदू तो बिल्कुल भी नही

है ना ? है ना ?

बेनामी ने कहा…

"बेनामी ने कहा…
चन्द्र बाबू,
कुछ भी नहीं करना है , अपनी सगी बहन से शादी कर ले , भाई है तो उसकी पीठ पर छुरा घोंप दे , बात बात पे झूट बोलना सीख ले और उस झूट को इतनी बार दोहरा ताकि वह सच लगने लगे . आस-पास के कमजोर लोगो को डराना धमकाना सीख, हो सके तो हफ्ता भी वसूल ...... बस बन गया तू भी पक्का मुसलमान . हां दिन में ५-६ बार उठक-बैठक जरूर करना .


हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा ही ही ही ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा ही ही ही ही ही ही ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हाही ही ही ही ही ही ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हाही ही ही ही ही ही ही ही ही हा हा हा हा हा हा हा हा

बेनामी जी , गजब की खासियते गिनाई आपने , आप जो भी है आपको मेरा सलाम .

बेनामी ने कहा…

isame naya kya hai ye sari bate to har dharm me moujud hai . islam to bahut bad me aaya hai , isase pahale ke jitane bhi dharm hai hindu,jain aadi me isase bhi jyada achchhi tarah se charitra nirmaan ke bare me bataya hai .jeev hatya ko ek swar se sabhi dharmo ne paap bataya hai usake ulat islam me roja jaise pavitra dino me bhi mans bhakshan (vishta khana)badastur jari rahata hai .aaj se 600 sal pahale kabir das ji bhi achchhi tarah se kah gaye the ---- din me roja rakhat hai raat hanat hai gai, ek taraf teri bandagi ,duji khudi khuday -
halanki islam me kuchh cheeje achchhi hai parantu kuchh to bahut hi nidneey hai jaise -mama ya chacha ki ladki se shadi karana - ye to janvaro ka custem hua jaise janvar bade hone par ma ya bahan me fark nahi kar sakte , kuchh aisa hi . parantu mujhe islam ki kuchh bate vakai prabhavit karati hai ,

--v s diwana

बेनामी ने कहा…

mujhe ek bat samajh nahi aati ki ek taraf islam me kaha gaya hai ki khuda hi sabase bada hai , usko kisi bhi rup me challenge nahi kar sakate . usane jo bhi banaya hai sab soch samajhakar banaya hai . insan usame dakhalndaji nahi kar sakata . fir islam me khatna kya hai . kya vah khuda ki banai hui indriyo me fer badal kar sakata hai?
yah seedha seedha khuda ko srasti me khalal dalana hi hai .....

jhandu singh

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

अच्छा लगा यह देखकर कि आप बिस्मिल्लाह पर खोज कर रहे हैं। बिस्मिल्लाह सूरह नम्ल के अन्दर दूसरी आयतों के बीच में आई है इसलिये वह उस सूरत का हिस्सा है जबकि 113 सूरतों के आरम्भ में है। इससे सूरत का पाठ प्रारम्भ होता है लेकिन इसे उस सूरत की आयतों में काउन्ट नहीं किया जाता। आखि़र ऐसा क्यों किया जाता है ?
यह एक अद्भुत गणितीय चमत्कार है। देखें और ईमान लायें- http://islamdharma.blogspot.com/
हमारा काम आपको बताना चेताना है सो आपको समझा दिया। अपने मालिक को अपने कर्मों का हिसाब खुद देना। वहां राष्ट्रवाद काम नहीं आयेगा , बल्कि काम यह आयेगा कि आपने सही को कितना पहचाना और कितना उसके अनुसार अपने जीवन को ढाला ?
http://bhandafodu.blogspot.com/2010/07/blog-post_27.html?showComment=1280330079486#c7427666228261429344

EJAZ AHMAD IDREESI ने कहा…

सलीम साहब मेरा मानना है कि महज दस फायदों का नाम ही इस्लाम नहीं है।
हां, यह कह सकते हैं कि यह दस मोटे और बड़े फायदे हैं। वरना इस्लाम के फायदे तो वही शख्स महसूस कर सकता है जो इस्लाम के मुताबिक अपनी जिंदगी गुजारता है, चाहे वह मुस्लिम घराने में पैदा होने वाला शख्स हो या फिर इस्लाम अपनाने वाला दूसरा कोई शख्स। इस्लामिक जिंदगी तो उस गूंगे के गुड़ के समान है जो खाने वाला ही महसूस कर सकता बयान नहीं कर सकता। बयान करने के लिए गूंगे के पास जबान नहीं होती और इस्लामिक जिंदगी गुजारने वाले के पास अल्फाज।

wah kya baat hai !!!!!!!!!!
bhaish ke aage been bajao bhaish kare paguraye

Jeetu ने कहा…

कृपया नीचे लिखे लिंक पर मेरी टिप्पणी पढने का कष्ट करें :-

http://www.janokti.com/2010/07/28/%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A5%89%E0%A4%97%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%B8/comment-page-1/#comment-2286

safat alam taimi ने कहा…

बिल्कुल सही लिखा भाई सलीम खान साहिब ने... इस्लाम गुणों और विशेषताओं से परिपूर्ण है परन्तु आवश्यकता है उसकी खोज करने और इस पर मनन चिंतन करने की.... बड़े खेद की बात है कि आखिर लोग इसका विरोद्ध क्यों करते हैं? हाँ ! इस लिए कि वह निष्पक्ष हो कर इस्लाम का अध्ययन नहीं करते।

सलीम ख़ान ने कहा…

शाह नवाज़ की सलाह पर बेनामी आप्शन बंद कर दिया है क्यूंकि इससे कुछ लोग अपनी बेवजह की कुंठा निकलने के लिए इस्तेमाल कर रहें थे

Shah Nawaz ने कहा…

बेनामी आप्शन बंद करने के लिए प्रबंधकों का बहुत-बहुत धन्यवाद! वैसे आजकल हमारी अंजुमन का प्रबंधक कौन है? उमर कैरान्वी भाई का नाम भी लेखकों की लिस्ट में नज़र नहीं आ रहा है???

vishal ने कहा…

Mai batata hoo musalman hone k fayade,ek to aap ek k alawa aur bhi saadiya kar sakte hai,desh ki population increase karne me madad kar sakte hai,apni hi cousin k saath shaadi karke usse saaririk sambandh bana sakte hai,jehaad k naam par logo ki jaan le sakte hai,bakrid jaise tyohaar k naam par bejuban jaanwaro ki bali chadha sakte hai,apni katarata dikhane k liye logo ki jaan le sakte hai aur aisi bahut si khubiya hai islaam me,jo agar likhne baithe to space kam padega.

vishal ने कहा…

Mujhe Laga Meri Baat Aap Logo k samajh me aa gayi isliye aap log meri baat par dhyaan nahi de rahe hai mujhe lagata hai maine islaam ko jhutla diya ab to maan gaye naa ki sanatan dharm hi sarvshestra hai to bolo Jai Shree Ram,Jo insaan Ram Ka Nahi Wo Kisi Kaam Ka nahi

vishal ने कहा…

BHaiyo Jab Insaan JabPichale Janam Me Koi Bahut Bada Paap Karta Hai To Use Agala Janam Sanatan Dharm Me Nahi Milta,Wo Insaano K Banaye hue dharm Me Paida Hota Hai Aur Hamesa sanatan Dharm Ko Jhutalane Ki Kosis Karta Hai,isliye dunia k sabhi insaano se mai yahi kahunga ki wo jis bhi dharm k ho Ram Ka Naam Lena Naa Bhule Agala Janam Sudar Jayega,Jai Shri Ram

vishal ने कहा…

Aaj mai aapko batata hoo islam dharm ki utpatti kaha se hyui,mano ya naa mano par satya yahi hai,kai sau saal pehale jo brahman hote the wo kabhi bhi koi galat karya nahi karte the jaise maas aur madira se door rehate the,sirf puja paath kiya karte the,par ek baar ek bramhin ne maas yani meat ka sevan yani kha liya,samaj k baaki brahmano ne faisala kiya ki ise ab apne samaj se nikal denge,us brahmin ne bahut mafi mangi,vinati ki ki aage aisa nahi hoga,par uski kisi ne ek naa suni,tab us brahmin ne kaha agar aap logo ne mujhe waapas apne samaj me nahi liya to mai ek aisa dharm banunga jo hindu dharm k bilkul ulta hoga,aur usne fir islam dharm banaya,hindu gaay ki puja karte hai aur islaam unhe maar kar khata hai,hindu jo bhi karte hai ,islaam ko maanane wale uska ulta hi karte hai.ye to sari dunia maanti hai ki sabhi dharmo ki utpatti hindu dharn se hui hai phir bhi log satya ko manane se inkaar karte hai,kahi dheere dheere sab ki aankhe khul jayengi aur ek baar fir se Ram Rajya Aayega,Jai Shree Ram

Belal Haque ने कहा…

sab logo ko kehta hun ki islam sabse achha aur great religion hai
and haan
hindu hai hin kitne duniya mein
waise bhi tum hinduon ka sab tark jhootha ho chuka hai
and tumhare religion mein koi bhi sachhai nahi hai
aur saari baatein jhooth sabit ho chuki hai
but islam ka koi bhi thathya ko koi bhi jhootha sabit nahi kar sakta
and
shayad tumhe pata nahi ki is duniya mein
sabse pahle sirf do log hi aaye the aur sab unhi ki santaan hai
aur is tarah to tum hinduon ko kisi bhi ladki se shaadi nahi karni chahiye
qki sab tumhari bahan hai
and haan ye sach hai ki hindu se hi sab dharm ki utpatti hui hai
lekin jab log jahil the
kuch samajh bujh nahi tha to
log apne se bhagwan bana k use poojte the
lekin dheere dheere sab ko buddhi aa gayi
tabhi to tumhara ye dharm ab khatm hone wala hai
aur koi mujhe bataye to ki kitni pratishat abadi hindu hai puri duniya ki
aur haan
tum logo ki sabhi dharmik kitabein jhoothi hai
mangarant kahani hai aur
use kisi ne likha hai
ab abhi ham bhi koi upanyas ya kuch parenge to kya us par yakin kar ke use apna majhab maan lenge
tum log to kisi ke likhe kahani par vishawas karte ho
tumhara rahu ketu
land fand sab jhooth sabit ho chuka hai
aur kya tum bata sakte ho ki quran k writer ka naam kya hai
nahi bcoz
wo aasmaani kitaab hai
use kisi ne nahi likha
aur ye sach hai
aur waise bhi roj kitne log musalmaan bante hai
dheere dheere tum logo ka samrajya khatm ho jayega samjhe
aur puri duniya mein keewal musalmaan honge

एस.एम.मासूम ने कहा…

एक बेहतरीन लेख़ लेकिन कितने मुसलमान अपने मुसलमान होने का फाएदा लाए रहे हैं? मसलन मुसलमान हवस (lust), स्वार्थपरायणता (selfishness), इच्छाओं (desires), लालच (greed), अंहकार (ego), दम्भ (conceitedness) आदि दुर्गुणों से दूर रहता है. कितने दूर रह पाते हैं? लोग कुरान से इस्लाम को नहीं पहचानते बल्कि मुसलमान से इस्लाम को पहचान नें की कोशिश करते हैं

ved ने कहा…

bhai mere kyo aap log ladte ho aapas me main haath jod raha hu ki ek dusre ko koi bhi neecha nahi dikha payega kyunki dono dharmo me kuch buraiya hi to kuch achaiya bhi hi
koi doodh ka dhula nahi hi
isiliye hath se hath milaiye aur aage bhadiye
jab is duniya me sabhi mulk aage badh rahe hi to kyun hum apna time in aapas k jhagdo me barbad kar rahe hi main hath jod kar mafi mangta hu apne hindu bhaiyo ki or se aur pls. aaj k baad koi bhi aisa blog na like jo kisi bhi dharm ka virodh karta ho
jai hind

safat alam taimi ने कहा…

बड़े विनम्रता से अपने उन प्रत्येक भाइयों से प्रार्थना करते हैं कि जो लोग इस्लाम का अध्ययन न कर सके हैं वह इसकी खोज करने का कष्ट करें। यह विदित है कि यदि आदमी किसी चीज़ के मूल्य को न जानता हो तो उसे तुच्छ समझेगा ही। इस्लाम मुसलमानों का धर्म नहीं अपितु प्रत्येक मानव जाति का धर्म है। हमारा कर्तव्य है कि हम अपने भाइयों के सामने इसका परिचय करा दें क्यों कि हमें उनसे प्यार है, स्नेह है, हम उनका हित चाहते हैं।

safat alam taimi ने कहा…

जनाब एस.एम.मासूम!
बिल्कुल आपने सही कहा कि आज मुसलमान ही हमारे अन्य भाइयों के रास्ते में रुकावट बने हुए हैं। यदि उन्होंने इस्लाम का सही तरीक़े से पालन किया होता तो आज यह मधुर उपहार हम सब का होता।

ajeet ने कहा…

भाई मेरे तो अभी तक यही समझ में नहीं आ रहा हैं की मुझे असली मुसलमान देखने को कहाँ मिलेंगे, जहां देखो मुसलमान मुसलमान की जान लेने पर तुला हुआ है अफगानिस्तान में जो मर रहे हैं वो भी मुसलमान हैं जो मार रहे हैं वे भी मुसलमान हैं लीबिया में भी यही हाल है सीरिया में भी यही हाल हैं, ईराक में भी यही हाल है, पाकिस्तान में भी यही हाल है पाँचों वक़्त की नमाज़ पढ़कर बन्दूक उठा कर मारने निकल पड़ते हैं अपने ही भाईयों को, मस्जिद में शांती से नमाज़ पढ़ते हुए लोगों को बम से उड़ा देते हैं,जिस इस्लाम का आप हवाला दे रहे वह कहाँ देखने मिलेगा कृपया स्पष्ट करें बमुश्किल दो-चार देश होंगे जबकि उसकी संभावना भी मुझे तो नहीं दिखती, जहां पर भी मुसलमान बहुसंख्यक है अधिकाँश आतंकवाद से पीड़ित हैं कहाँ पर देखने को मिलेगा आपके द्वारा परिभाषित इस्लाम.

Salman ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Salman ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Salman ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Salman ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Salman ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Salman ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Salman ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Salman ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Salman ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
विश्‍व गौरव ने कहा…

सलमान भाई आप कुछ बातें ठीक कहते हैं कुछ गलत, कुछ और पढने की आवश्‍यकता है आपको, अन्‍जुमन आपके लिए बहुत कुछ है, नहीं है तो बस यह नहीं है


डाक्टर मुहम्मद हुज़ेफा (डी. एस. पी. रामकुमार) से मुलाकात interview 4

मास्टर मुहम्मद आमिर (बलबीर सिंह,पूर्व शिवसेना युवा शाखा अध्‍यक्ष) से एक मुलाकात interview

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

सलमान नाम होता है मुसलमान का और मुसलमान कोई ऐसी बात करता नहीं .
इससे पता चलता है कि देश के दुश्मन राष्ट्रवादी मुसलमानों के नाम से नफरत के बीजबो रहे है .
देखिये यह लिंक :
गोमांस परोसने के कारण यशस्वी बना रजा रंतिदेव : महाभारत
(वनपर्व 208 199/8-१०)

Salman ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Salman ने कहा…

DR. ANWER JAMAL aap kahene par maine apni sari baate nikal di mujhe batane ke liye thaks you

yusha khan kherki yusha ने कहा…

are tum ko muslman hona to rirf call karo
molana kaleen sidiquo jinke hath par lakhon muslman hote hai +919313303149 ye no. Bahut koshish se milta hai dusra no.
+919650288672 ye unke chele ka no. Hai
aur mera no.
+919045444748

जय भारत ने कहा…

एक मोलवी द्वारा इस्लाम कबूल करने के फायदों का वर्णन

1 >>>>> हम मुल्ले देश का सबसे जादा पानी बचाते है क्युकी कई कई महीनो में नहाते है
2>>>>> हमारी एकता बनी रहती है और हिन्दू भी हमे एक नाम से ही बुलाते है "सूअर" इसका मतलब है की सभी मुसलमानों एक ही जेसे है जिससे एकता बनी रहती है
3>>>>>हमे हिन्दुओ की तरह गाव गाव में घूमना नहीं पड़ता चूत के लिए ..जरूरत पड़ने पर हम अपनी माँ और बहन को भी चोद देते है
4>>>>>और अक्षय कुमार ने भी हमारा नारा चुराया है की "घर में पड़ा है सोना फिर कहे को रोना " इसका असली वाला ये है "जब घर में पड़ी है चूत तो उसे चोदेंगे हम अपनी माँ बहनो को भी नहीं छोड़ेंगे " इसका मतलब है हम बहुँत फमुस है अक्षय कुमार जेसे बड़े लोग भी हमारा नारा चुराते है
5>>>>>हम अपने किसी भी रिश्तेदार की माँ बहन का रैप कर सकते है पकडे जाने पर मोहमद शाहब का नाम लेकर बच सकते है क्युकी मोहमद सहाब भी अपनी बेटी को खुद चोदता था और इस्लाम में इसकी इजाजत है
6>>>>>हम में मर्द नाम की कोई चीज़ नही होती इसलिए हम आधा लंड तो बचपन में काट डालते है इससे हिन्दू हमे ये नही बोल सकते मर्द है तो सामने आ ,ये कर वो कर
7>>>>>हम एक घंटे में 10-11 चूत मार सकते है जो और कोई नही मार सकता क्युकी हम आधा लंड के होते है है जो 2-4 मिनट ही चलता है और हिन्दुओ का लोडा नही लोहे का हतोड़ा रहता है वो तो एक घंटे तक चूत लगातार मार सकते है ..इसलिए हम कम समय में जादा बार चूत मार सकते है और झूटी हवाबाजी कर सकते है
8>>>>>और सबसे बड़ी बात अपनी माँ चोदो ,बहन चोदो,रिश्तेदारीमें सब लडकियों को चोद दो और नाम लगा दो मोहमद सहाब का और खुद बच जाओ \


नोट >>>>
कोई भी धर्म इतनी चूत मरने की छुट नही देता सो इस्लाम सबसे बेस्ट रिलिजन है इसे अपनाओ और सूअर बन जाओ
और हिन्दुओ से अपनी बहन और माँ को बचा के रकना क्युकी अगर हमारी माँ बहेन हिन्दुओ से चुद गयी तो फिर उनको हमारी लुल्ली से कुछ नही होगा क्युकी क्या करेगी वो लुल्ली का जब मिलेगा लुल्ला और हिन्दू मरे चूत खुल्लम खुल्ला ...तो इस बात का विशेष ध्यान
और इन बातो को सबको बताओ और इस्लाम के प्रचार में जुट जाओ

mohd azam ने कहा…

मौहम्मद आजम

सलीम जी बेहद खूबसूरत लेख है, ये हम जैसे मुसलमानों के लिए एक
आखें खोल देने वाला विचार है। अल्लाह हम सभी को नेक और मुकम्मल इमान
वाला मुसलमान बनाये।
एक बात उन हजरात से है जो गन्दी भाषा इस्तेमाल करते है, अगर आप सही सोच नहीं सकते,
सही बोल नहीे सकते तो आपको अपने विचार रखने का कोई अधिकार नहीं है। ध्यान रखें।

ANKUR KUMAR SRIVASTAVA ने कहा…

जब इस्लाम का पहला मुसलमान सन 610 में अबुबकर बना.
और पहली औरत खदीजा ने इस्लाम स्वीकार किव्या.
तब कैसे कहते हो कि इस्लाम पुराना मजहब है.मुहम्मद का जन्म 570 में हुआ..38 साल तक व्यापार किया.
इसके बाद बिजिनेस में घाटा लगा
.फिर घाटा पूरा करने के लिए अरबी कबीलों का एक गिरोह बनाकर लूट पाट शुरू किया
.बाद में इसी गिरोह का नाम इस्लाम रखा..
गिरोह को बढ़ाने के लिए लुटी हुयी औरतो से बलात्कार की छूट थी..
खुद मुहम्मद ने 13 औरतो से शादियाँ की.
तथा 40 रखैल रखा था..
किन्तु गिरोह के मुसलमानों के लिए 4 शादी का नियम बनाया
.लुट-पाट के दौरान पकड़ी गयी औरतो से बलात्कार की छूट दे दी.
निचे मुहम्मद की औरतो के नाम है..
39 साल की उम्र होने पर मुहम्मद ने 11 शादियाँ की.
हर 2-2- साल में शादियाँ तब तक करते गए जब तक उनकी मृत्यु नहीं हुयी.
उनकी मृत्यु सन 632 में हो गयी तब शादियों का सिलसिला थमा.
Khadijah bint Khuwaylid 595–619Sawda bint Zamʿa 619–632Aisha bint Abi Bakr 619–632Hafsa bint Umar 624–632Zaynab bint Khuzayma 625–627Hind bint Abi Umayya 629–632Zaynab bint Jahsh 627–632Juwayriya bint al-Harith 628–632Ramlah bint Abi Sufyan 628–632Rayhana bint Zayd 629–631Safiyya bint Huyayy 629–632Maymuna bint al-Harith 630–632Maria al-Qibtiyya 630–632
इससे साबित होता है कि इस्लाम मजहब नहीं है.
क्योकि पहला मुसलमान 610 में बना था..
इसके पहले न अल्लाह था.न इस्लाम था..
इसलिए सही इतिहास पढो..
अरबी मुहम्मद का चक्कर छोडो....
इस्लाम छोडो....हिन्दू बनो

Anand Rawat ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Anand Rawat ने कहा…

Bhai sahab mujhe aik baat batao lakho saal pehele jo raam bhagwan ne jo raam setu banaya he wo jhuta he or jo raam bhagwaan shankar bhagwàn ki puja karte the wo galat karte they to bhai us wakt allha kyo nahi puje jaate they allha kha the bhai 0 ki khoj lakho saal pehele aryabhat ne ki thi jispe pe puri duniya kayam he bhai tumhare accha mujhe lagta he allha ko baad me akkal aayi hogi hana abe chutiyo agr behes karni he to sahi se karo samjhe bhai

Anand Rawat ने कहा…

Or tum jannat jayoge are baba je ka ghanta beta jab tum upar jayoge na tab jab bhagwan bulega ki inke karmo ka chatha kholo tab jo tum eid me bakre ko tadpa ke maarte ho use pehele palte ho. Tab tum uppar jaa ke bolna ki hume to allha ne hi kaha tha ki janwar ko tadpa ke maaro tab jab tumhe nark me tadpa ke maara jayega na tab pata chalega or tum to saalo kutte billi patani kitni yoniya ka janam milega

safat alam taimi ने कहा…

Anand Rawat ji यह एक भ्रम है कि इस्लाम नया धर्म है जब कि इस्लाम सृष्टि के आरम्भ से ही है। सारी मानवता का धर्म इस्लाम है, पहले एक अल्लाह की पूजा ही होती थी, बाद में लोगों ने अपने समाज के क्रान्तिकारी पुरुषों में ईश्वरत्व मान कर उन्हीं को पूज्य मान लिया, आज भी सच्चाई बल्कि मुक्ति कहीं मिल सकती है तो मात्र इस्लाम में।

safat alam taimi ने कहा…

उसी भगवान ने जिस प्रकार क़ुरआन में मास खाने की अनुमति दी है वैसे ही हिन्दु धार्मिक ग्रन्थों में भी इसकी अनुमति आई है। बल्कि संसार के अधिकांश लोग आज मांसाहारी हैं।
वैसे आप लोग भी तो पैड़ पौधों की हत्या करते हैं, कि विज्ञान ने उनमें भी जीवन सिद्ध किया है। माफ कीजिएगा हम आपकी भावनाओं का सम्मान करते हुए कहेंगे कि जीव हत्य किय बिना इनसान जी ही नहीं सकता. यही मानव प्रकृति है।

safat alam taimi ने कहा…

और इस्लाम में मास खाना कोई आवश्यक कार्य नहीं एक पक्का शाकाहारी पक्का मुसलमान हो सकता है परन्तु मास एक पौष्टिक आहार है, और प्रोटीन से भरपूर है इस लिए लोग इसका सेवन करते हैं।
संसार में दो ही प्रकार की प्राणियां हैं (1) प्रयोग करने वाली (2) प्रयोग की जाने वाली। मानव प्रयोग करने वाली प्राणी है और अन्य मानव के प्रयोग में आने वाली प्राणी है।

आप चलते हुए हज़ारों किटाणुओं को मार देते हैं। आप पानी गर्म करते हैं तो हज़ारों किटाणू मर जाते हैं... आप घर की सफाई करते हैं तो हज़ारों किटाणुओं का मार देते हैं। क्या यह जीव हत्या नहीं ?

Anand Baisoya ने कहा…

हिंदू शब्द भारतीय विद्दवानो के

अनुसार कम से कम ४००० वर्ष पुराना है. शब्द कल्पद्रुम : जो कि लगभग दूसरी

शताब्दी में रचित है, में मन्त्र है.............

"हीनं दुष्यति इतिहिंदू जाती विशेष:" (अर्थात हीन कर्म का त्याग करने वाले को हिंदू कहते है.)

इसी प्रकार अदभुत कोष में मन्त्र आता है ......

"हिंदू:

हिन्दुश्च प्रसिद्धौ दुशतानाम च विघर्षने". (अर्थात हिंदू और हिंदु दोनों

शब्द दुष्टों को नष्ट करने वाले अर्थ में प्रसिद्द है.)

वृद्ध स्म्रति (छठी शताब्दी)में मन्त्र है,...........................

"हिंसया दूयते यश्च सदाचरण तत्पर:

वेद्.........हिंदु मुख शब्द भाक्। "

अर्थात जो सदाचारी वैदिक मार्ग पर चलने वाला, हिंसा से दुख मानने वाला है, वह हिंदु है।

ब्रहस्पति आगम (समय ज्ञात नही) में श्लोक है,................................

"हिमालय समारभ्य यवाद इंदु सरोवं, तं देव निर्वितं देशम हिंदुस्थानम प्रच्क्षेत."

(अर्थात हिमालय पर्वत से लेकर इंदु(हिंद) महासागर तक देव पुरुषों द्बारा निर्मित इस छेत्र को हिन्दुस्थान कहते है.)

पारसी

समाज के एक अत्यन्त प्राचीन ग्रन्थ में लिखा है कि, "अक्नुम बिरह्मने

व्यास नाम आज हिंद आमद बस दाना कि काल चुना नस्त" (अर्थात व्यास नमक एक

ब्र्हामन हिंद से आया जिसके बराबर कोई अक्लमंद नही था.)

इस्लाम के

पैगेम्बर मोहम्मद साहब से भी १७०० वर्ष पुर्व लबि बिन अख्ताब बिना तुर्फा

नाम के एक कवि अरब में पैदा हुए, उन्होंने अपने एक ग्रन्थ में लिखा

है,............................

"अया मुबार्केल अरज यू शैये नोहा मिलन हिन्दे.

व अरादाक्ल्लाह मन्योंज्जेल जिकर्तुं..

(अर्थात हे हिंद कि पुन्य भूमि! तू धन्य है,क्योंकि ईश्वर ने अपने ज्ञान के लिए तुझे चुना है.)

१० वीं शताब्दी के महाकवि वेन .....अटल नगर अजमेर,अटल हिंदव अस्थानं.

महाकवि चन्द्र बरदाई....................जब हिंदू दल जोर छुए छूती मेरे धार भ्रम.

जैसे

हजारो तथ्य चीख-चीख कर कहते है की हिंदू शब्द हजारों-हजारों वर्ष पुराना

है. इन हजारों तथ्यों के अलावा भी लाखों तथ्य इस्लाम के लूटेरों ने

तक्षशिला व नालंदा जैसे विश्व -विद्यालयों को नष्ट करके समाप्त कर दिए.

Anand Baisoya ने कहा…

हिंदू शब्द भारतीय विद्दवानो के

अनुसार कम से कम ४००० वर्ष पुराना है. शब्द कल्पद्रुम : जो कि लगभग दूसरी

शताब्दी में रचित है, में मन्त्र है.............

"हीनं दुष्यति इतिहिंदू जाती विशेष:" (अर्थात हीन कर्म का त्याग करने वाले को हिंदू कहते है.)

इसी प्रकार अदभुत कोष में मन्त्र आता है ......

"हिंदू:

हिन्दुश्च प्रसिद्धौ दुशतानाम च विघर्षने". (अर्थात हिंदू और हिंदु दोनों

शब्द दुष्टों को नष्ट करने वाले अर्थ में प्रसिद्द है.)

वृद्ध स्म्रति (छठी शताब्दी)में मन्त्र है,...........................

"हिंसया दूयते यश्च सदाचरण तत्पर:

वेद्.........हिंदु मुख शब्द भाक्। "

अर्थात जो सदाचारी वैदिक मार्ग पर चलने वाला, हिंसा से दुख मानने वाला है, वह हिंदु है।

ब्रहस्पति आगम (समय ज्ञात नही) में श्लोक है,................................

"हिमालय समारभ्य यवाद इंदु सरोवं, तं देव निर्वितं देशम हिंदुस्थानम प्रच्क्षेत."

(अर्थात हिमालय पर्वत से लेकर इंदु(हिंद) महासागर तक देव पुरुषों द्बारा निर्मित इस छेत्र को हिन्दुस्थान कहते है.)

पारसी

समाज के एक अत्यन्त प्राचीन ग्रन्थ में लिखा है कि, "अक्नुम बिरह्मने

व्यास नाम आज हिंद आमद बस दाना कि काल चुना नस्त" (अर्थात व्यास नमक एक

ब्र्हामन हिंद से आया जिसके बराबर कोई अक्लमंद नही था.)

इस्लाम के

पैगेम्बर मोहम्मद साहब से भी १७०० वर्ष पुर्व लबि बिन अख्ताब बिना तुर्फा

नाम के एक कवि अरब में पैदा हुए, उन्होंने अपने एक ग्रन्थ में लिखा

है,............................

"अया मुबार्केल अरज यू शैये नोहा मिलन हिन्दे.

व अरादाक्ल्लाह मन्योंज्जेल जिकर्तुं..

(अर्थात हे हिंद कि पुन्य भूमि! तू धन्य है,क्योंकि ईश्वर ने अपने ज्ञान के लिए तुझे चुना है.)

१० वीं शताब्दी के महाकवि वेन .....अटल नगर अजमेर,अटल हिंदव अस्थानं.

महाकवि चन्द्र बरदाई....................जब हिंदू दल जोर छुए छूती मेरे धार भ्रम.

जैसे

हजारो तथ्य चीख-चीख कर कहते है की हिंदू शब्द हजारों-हजारों वर्ष पुराना

है. इन हजारों तथ्यों के अलावा भी लाखों तथ्य इस्लाम के लूटेरों ने

तक्षशिला व नालंदा जैसे विश्व -विद्यालयों को नष्ट करके समाप्त कर दिए.

sanihal abbas ने कहा…

Be Atheist be happy 😊

Manglesh Patidar ने कहा…

आतंगवाद का नाम मुस्लिम

Amit Bahukhandi ने कहा…

हमें अगर भारत जैंसे देश में रहना है तो .सबसे पहले कट्टरपंथी छोडनी होगी व सब धर्मौं को मानना ही होगा

Deshwali ने कहा…

सच है की जिनकी सोच इस्लाम के बारे मैं गंदी है
वो हमेशा अपनी गंदी सोच का ही प्रमाण देगा ।।
इनका मुद्दा हमेशा से इस्लाम को नीचा दिखाना और
ईस्लाम का नेगेटिव प्रमोशन करना ही है ।
दुनिया जानती है की मुसलमानों के दिलो में
पैगंबर मुहम्मद (सल्ल.) की क्या इज़्ज़त क्या रुतबा है
जिनको खुदा ने सारी इंसानियत के लिए शांति और
अमन का दूत बनाकर कर भेजा था उनकी शान में
बार बार गुस्ताखी करना किस बहादुरी का नाम..
पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल.) के खिलाफ़ की गई टिप्पणी देश का
वातावरण बिगाड़ने का प्रयास है .जो गन्दी मानसिकता दर्शाती है
अभिव्यक्ति की आज़ादी की बात करने वालो ।।
आज़ादी का ये मतलब नही के किसी भी धर्म की आस्था
को ठेंस पहुंचाई जाए आज़ादी तो यह है के सच को सच
लिखा जाए बोला जाए।
अगर दम है तो इजराइल के ज़ुल्मो की दास्ताँ बारे में बोलो ।।
अगर दम है तो मज़लूमो की चीख पुकार के बारे में आवाज उठाओ।।
अगर शर्म है तो सीरिया के हालात के बारे में बोलो ।।
अगर इंसानियत है तो अमरीका के बर्बरता इराक़ पर बोलो ।।
अगर दिल है तो फलस्तीन की माओं का दर्द सुनाओ ।।
अगर दर्द है तो गुजरात आसाम के किस्से ब्यान करो ।।
यह है अभिव्यक्ति की आज़ादी..
किसी धर्म के बारे मैं गलत भाषा इस्तेमाल करना नहीं

लेकिन यह जो दोहरी मानसिकता के लोग है वो एक तरफ़ा ही बोलते लिखते थे
और बोलते लिखते रहेंगे लेकिन सच कभी नही बोलेंगे ।।

Ajay Sinha ने कहा…

देखो दोसतो, हम सब जो भी यहां लिख रहा है वो कोई भी मजहब का हो लेकिन हम इंसान हैंा धरम चाहे जो हो सब इस जिंदगी को जीने का सलीका सीखाते है आप दूसरो के बारे में ना सोचें बस ये कोशिश करे कि जब आप इस दुनिया से रुखसत हों तो चार लोग आपके लिए आंसू बहा दें वही इंसान है| वही इंसान कामयाब है और सभी धरम यही सिखाते हैं|

Akshay Sharma ने कहा…

सबसे बेकार धर्म है इस्लाम. Fully illogical.

Mirza Abu Hamza ने कहा…

Abe haram k pille hamare dhram me likha hai kisi ka rape krna haram hai lekin tumhare dharm me likha hai kisi ka bhi rape kro aaj india me sabse zada rape hote hai lagbhag rozana 1 hazar se zada usme sab hindu hote hai abhi suna gya kisi muslim ne rape kiya beta apni aukat me a jao kya hai hindu dhram wo din kareeb a gya jab duniya khatam ho jayegi tum kog sale duniya me akele ho apne man gadat se hindu dhrm ko banaya n koi kudrti kitab hai tumhare pass puri duniya me muslim faile hui hai 2016 k ankdo k hisab se 220 crore muslim hai duniya me aukat kya hai be tumhari

Mirza Abu Hamza ने कहा…

Abe haram k pille hamare dhram me likha hai kisi ka rape krna haram hai lekin tumhare dharm me likha hai kisi ka bhi rape kro aaj india me sabse zada rape hote hai lagbhag rozana 1 hazar se zada usme sab hindu hote hai abhi suna gya kisi muslim ne rape kiya beta apni aukat me a jao kya hai hindu dhram wo din kareeb a gya jab duniya khatam ho jayegi tum kog sale duniya me akele ho apne man gadat se hindu dhrm ko banaya n koi kudrti kitab hai tumhare pass puri duniya me muslim faile hui hai 2016 k ankdo k hisab se 220 crore muslim hai duniya me aukat kya hai be tumhari

rocky dcosta ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
rocky dcosta ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
jeet bhardwaj ने कहा…

Mere pyare musalman bhaiyo tum sab milke mujhe ek baat ka jawab de do or plz aapas main decide karke dena....is puri duniya main agar Islam hi sabse acha or sacha dharam hai to world level pe Jo terrorist activities hoti Hain usmain Muslims hi involved kyun hote Hain Hindu kyun nahi hote

vikash shrivastav ने कहा…

Vishal aap to aise bol rahe hai jaise ki hindu me bejubaano ko nahi kat te hai. Durgapuja me janvar ki bali kyun dete hai sanatan dharm wale.....

vikash shrivastav ने कहा…

Vishal aap to aise bol rahe hai jaise ki hindu me bejubaano ko nahi kat te hai. Durgapuja me janvar ki bali kyun dete hai sanatan dharm wale.....

Kusum chauhan ने कहा…

aapne kaha ki jannat me aadmi ko 72 hure milegi , main woman hu agar main Muslim ban jau to mujhe kya milega

Shah Nawaz ने कहा…

जन्नत के इनामों में महिला तथा पुरुषों के बीच ज़रा भी भेदभाव नहीं होगा, जन्नत का हर ईनाम सभी के लिए होगा...

वैसे हूर की अवधारणा को जानने के लिए यह लेख पढ़ा जा सकता हैं।

http://hamari-anjuman.blogspot.in/2010/03/blog-post_29.html

Nafees Malik ने कहा…

सगी से नही कर सकते बेवकूफ इस्लाम मे हराम है और अगर आप मोसी बुआ मामा या चाचा की लडकियो को बिल्कुल ही बहन जैसी समझते हो तो ये आपकी गलत सोच है क्योकि सिर्फ एक योनी से निकले इन्सान ही भाई बहन होते है science भी इस बात को मानता है। इसलिए सगे मुसलमान भाई शादी के बाद अलग अलग मकानो मे रहते है और चाचा की लडकी से शादी जायज है इसलिए हम मुस्लिम लडके शादी से पहले चाचा की लडकी से बात भी नही करते है क्योकि इस्लाम मे हराम है । इस तरह हम इज्जत करते है औरतो की ।और आप हिन्दु लोग बुआ मौसी मामा चाचा इन सब की लडकियो को बहन मानते है घरवाले भी सोचते है बहन ही तो है क्या कर लेगा। करने दो बातचीत छोड दो अकेला । और फिर आपकी नीयत फिसल जाती है क्योकि हिन्दु लडकिया कपडे भी सेक्सी पहनती है बहन कहते हो बलत्कार करते हो घरवाले सोचते रह जा बहन है। इस तरह औरतो की इज्जत लूटी जाती है हिन्दु धर्म मे। और सबूत भी है दुनिया मे अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा बल्तकार हिन्दुस्तान मे होते है।क्या किसी मुस्लिम मुल्क मे बल्तकार होते है नही होते है नैट पे खोज करना बेटा। अरे कम से कम हम मुस्लिम लडके अपने बुआ या मौसी की लडकी की साथ शादी करे उसे अपनी बहन तो नही कहते

Minhaj Ahmad ने कहा…

Mujhey Fakhar Hai Ki mein Musalman Hun. Or mene ek baat notice ki in upper diye hue comments mein ki Hinduon ne bhot gali galoch se baat ki. or musalman bardshat krta rha yeh hai islam ki shiksha k koi gali galoch ya occhi harkat krta hai toh tum uske jese mt bno blki usey pyar se smjhao. mujhey lgta hai yeh jo hindu hain naam lete hue bhi sharm aati hai ki inke bhagwan bhi shayad gali hi dete hongey ek doosre ko unhi ki shiksha hai yeh lgta hai jo gali galoch krte ho hena mene sahi kaha na. bhaiyo kuch seekho islam se bardasht krne ki taqat or akhlaqi musalman ka muqabla is duniya mein koi nhin kr skta. toh mere pyarey deshwasiyon aapas mein mil julkar rho dharm k naam pr ladaiyan mt kro.

MUJHEY FAKHAR HAI KI MEIN MUSALMAN HUN.

hapineS ने कहा…

Kuran me likha hai ki dharti chapti hai aur kuran allah ke den hai...usme koi bhi baat jhoot nahi hai....to jo scientist kahte hai ki dharti gol hai to wo jhoote hai.....is ka jawab islamic scholar de

hapineS ने कहा…

Kuran me likha hai ki dharti chapti hai aur kuran allah ke den hai...usme koi bhi baat jhoot nahi hai....to jo scientist kahte hai ki dharti gol hai to wo jhoote hai.....is ka jawab islamic scholar de

Unknown ने कहा…

Bakwas thodi Kam kar

saint shri ने कहा…

Koi kitna bhi kosis karle sanatan dharam khatam nahi hoga na hi prabhu ram kaa dharam mitega

Akash Adhikari ने कहा…

Sab bakwas Hindustan ko loota lootero Muslim gsjnabi ne hum tumko langa karke pak bejenge beware of hindu

Akash Adhikari ने कहा…

Kya Muslim ke liye muje lingh bhi kaatni padegi aur daadi badani padegi ab bolo yes a hai

Akash Adhikari ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Akash Adhikari ने कहा…

Galat vikash durgapuja ka MATLAB Bengali culture se related hai aur bengsli is fond of fish. Yeh unka culture hai Hindu Bengali sirf kar sakta hai stupid person you

Akash Adhikari ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Akash Adhikari ने कहा…

Stop this nonsense. You don't know about Hinduism. It is the beautiful and holy religion in the world. You Islam teach you . be a criminal, rapist, terrorist, and marry with cousin sister and then later sex with her with half penis. It is the value of Islamic people. You all deserve it. Disgraceful your Islam. Once a history between shivaji and afjal. Your kattar afjal cheater number one but shivaji also was careful and hansake with afjal and killed him with knife. And shivajis real intention was finish all kattar Muslim and let be a India great again. And your Islam and mohmad shan becoming you terrorist , kattar Muslim, sex with cousin girl. I want Islam will be ended by RSS leave our country or make the war

Akash Adhikari ने कहा…

Don't teach us . the mankind's biggest religion is religion. Without it no any one could not recognised you . Muslims and Mohammad are sunni and kattar, ruthless person. Are you forget it. You are foolish. You are not able to calling your Hindu. You forget, those Muslims ruled our country almost,800 year and rape looted , terrorist, called it Muslim, a Hindu cannot live with Muslims. Because they create terror . every Muslim support mohmad rule and be a terrorist and finished whole world

Akash Adhikari ने कहा…

Are yaar Islam ne lootera , rapist, terrorist ka rule tume sikhaya hai . mohmadshab ek hatyara aur rapist tha aur nautanki se is religion ko banaya aur nonmuslim deka jaaye to maar do.unki patni ki wife banao aur sex karo ye hai Islam ki sacchai

Mehrban Kairanvi ने कहा…

Yeh chapter konsi book me likha hai

Akash Adhikari ने कहा…

Muslim Sab ek hote hai jase hum Hindu kahibi rahe tum hamara ulta ho dhokebaaj ,makkar ho aur terrorist ho har Muslim desh me asanti haikoi shanti nahi jase Iraq. Israel, pak, Bangladesh yaha bahut logh mare jaate hai

Akash Adhikari ने कहा…

Kattar Muslim aatankbadi, shadi charbibi kata Lund aur ganda dhokebaj mohammad

Akash Adhikari ने कहा…

Sahi kaha ye jhoot nahi hai me bi jantahu Mohammad nautankbaj aur Muslim ko Hindu me ulta banaya

Akash Adhikari ने कहा…

Sahi kaha ye jhoot nahi hai me bi jantahu Mohammad nautankbaj aur Muslim ko Hindu me ulta banaya

Mahi Ballal ने कहा…

Jab sab sience ko maante hai to ye bhi man ki hamare purwaj ape the matalab van manus aur jarurat k vigyan see insan bane ....ye baat sabhi mante hai to ye Bandar ka koi dharam to hota nahi hai. Wese hi hum logo ne aapni maaanta k hisab se aapna dharam bana liyea. ..phele insSan bano baad me Muslim ya hindu ya kuch aur..

Akash Adhikari ने कहा…

Muslim religion nahi sirf asaanti aur terrorist ka naam hai aur Hindu kattar pada hue in terrorist Marne ke liye

Akash Adhikari ने कहा…

Muslim religion nahi sirf asaanti aur terrorist ka naam hai aur Hindu kattar pada hue in terrorist Marne ke liye

ram ji ka sewak ने कहा…

अगर मै यह मान लेता हू कि सबसे पहले मुसलिम धरम आ़या तब तो सारी दुनिया मुलमान होना चाहिय इसलिए कयोकि मुशलिम धरम मे सभी मुसलिम बचचे का लिंग बचपन मे ही काट दिया जाता है जब सभी बचे बचपन से मुसलमान होते तो hindu dharam hota hi nahi esliye yah dharam tumhare aale ne nahi khud tum logo ne banaya hai

Akash Adhikari ने कहा…

Ek dam sahi kaha aapne

Akash Adhikari ने कहा…

Muslim paakhandi aur bakwaas religion hai Jo Hindu ka opposite hai aur illogical, dramebaaz religion hai bas aaj Muslim kal Hindu hi te aur hinduo hi bagwaano ka religion aur ek sanathan dharm hai

Akash Adhikari ने कहा…

Muslim paakhandi aur bakwaas religion hai Jo Hindu ka opposite hai aur illogical, dramebaaz religion hai bas aaj Muslim kal Hindu hi te aur hinduo hi bagwaano ka religion aur ek sanathan dharm hai

Akash Adhikari ने कहा…

Ek dam sahi kaha aapne

ram ji ka sewak ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Abhishek Singh ने कहा…

Ha razi hai

Abhishek Singh ने कहा…

Because I love a girl her name is hina siddiqui khan

Unknown ने कहा…

इस्लाम के हलाल हराम का नंगा सच !
इस्लामी परिभाषा में हलाल उन कामों को भी कहा जाता है जो , मुसलमानों के लिए वैध , जायज विधि सम्मत माने जाते हैं , और जो काम इस्लामी शरीयत के खिलाफ होते हैं , या जिनके करने से इस्लाम को खतरा होता है उन्हें अवैध नाजायज या हराम कहा जाता है ,
लेकिन गैर मुस्लिमों और अधिकांश मुस्लिमों को पता नहीं है कि इस्लाम में कौन से काम हलाल हैं ,और कौन से हराम है . इस लेख का उदेश्य लोगों को सही जानकारी देना जरुरी हो गया है ,क्योंकि दिनांक 22 मार्च रविवार को जयपुर में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मुहम्मद अब्दुल रहीम कुरैशी ने पत्रकारों के समक्ष कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में योग और सूर्यनमस्कार सिखाना इस्लाम के खिलाफ और हराम है , और जैसे ही कुरैशी की यह बात मुसलमानों को पता चली तो वह केंद्र सरकार और विहिप , आर इस एस एस और हिन्दू महासभा के विरुद्ध देश का सेकुलर माहौल खराब करने का आरोप लगा कर आंदोलन की तैयारी में लग गए , क्योंकि उनको सच्चाई बताने के लिए कोई नहीं है अल्लाह तो जन्नत में हूरों के साथ मजे कर रहा होगा और रसूल कब्र में आराम फरमा रहे है , इसीलिए इस्लामी ऊंट की नकेल मुल्ले मौलवियों के हाथों में है , वह जिसे चाहे हलाल या हराम बता देते हैं , यहाँ तक कुछ बातें ऐसी हैं जिनका आदेश कुरान में नहीं फिर भी मुसलमान करते हैं जैसे
1-कुरान में लिंग का खतना ( Circumcission ) करने का आदेश नहीं ,फिर भी मुस्लिम कराते हैं
2-कुरान में केवल मुहम्मद को चचेरी , ममेरी बहिनों से शादी की अनुमति थी , मुसलमानों को नहीं फिर भी मुस्लिम ऐसी शादियां करते है , कोई मुल्ला इसके खिलाफ नहीं बोलताइसके अतिरिक्त इस्लामी कानून भी पक्षपाती है , और जिसे यदि शैतानी शरीयत कह दिया जाये तो गलत नहीं होगा , कुछ नमूने देखिये ,
1-चोरी करने पर हाथ काटने की सजा है ,लेकिन किसी पुरे देश को लूटने वाले को कोई सजा नहीं ,उलटे उसे गाजी की उपाधि दी जाती है2-व्यभिचार ( Fornication, Adultery ) करने पर पत्थर मार कर मार डालने की सजा है , वह भी सिर्फ औरतों के लिए है , लेकिन बलात्कार ( rape) काने के लिए किसी सजा का विधान नहीं है
3-काबा की तरफ पेशाब करने पर मौत की सजा है , लेकिन अन्य धर्म के उपासना गृहों को तोड़ने , उन्हें अपवित्र करने वालों को जन्नत का वादा किया गया है
3-मुहम्मद का कार्टून बनाने वाले की मुसलमानों ने हत्या कर दी , क्यों इस्लाम की नजर में ऐसा करना जायज है , लेकिन जब तालिबान ने बामयान में भगवान बुद्ध की मूर्ति तोड़ी तो मुल्लों से उसे हराम या गुनाह क्यों नहीं बताया ?
एक लघु कथानक दे रहे हैं , जिस से इस्लामी कानून की असलियत सब जान जायेंगे , कथा इस प्रकार है ,
" यह मेरठ की करीब आठ साल पहले की बात है , एक अमीर मुस्लिम के लड़के की शादी थी , मेहमानों की दावत के लिए हर तरह के खाने बने थे , उनमे हलुआ भी था ठंडा करने के लिए एक बड़े से थाल में एक तरफ रखा था , तभी वहां हलुए के लालच में चुपचाप से एक कुत्ता आगया , परन्तु गर्म होने से हलुआ नहीं खा सका , और थाल के किनारे पेशाब कर के भाग गया , कुछ बच्चों ने यह बात देखि और सबको बता दिया , तब उस अमीर ने एक मौलवी से पूछा कि बताइये क्या यह हलुआ हमारे लिए हलाल है या हराम है ,मुल्ला बोला ऐसी समस्या के बारे में किसी हदीस में कुछ नहीं लिखा , तुम किसी हिन्दू पंडित के पास जाओ और पूरी बात उसे बताओ , फिर जो वह कहे मुझे बताना , तब मैं फैसला करूँगा , थोड़ी देर बाद वह अमीर वापस मुल्ले के पास गया और बोला पंडित ने कहा है कि कुत्ते के पेशाब से सारे का सारा हलुआ अशुद्ध और खाने के अयोग्य हो गया .तब मुल्ला बोला तुम हलुआ खा सकते हो ,और मेहमानों को भी खिला सकते हो , क्योंकि शरीयत कहती है ,
" काफ़िर जैसा कहे मुसलमान उसके विपरीत काम करें "
हमें पूरा विश्वास है कि इस छोटे से लेख से पाठकों को इस्लाम की नीतियों के बारे में असली जानकारी मिल गयी होगी , वैसे भी समझदार को इशारा ही काफी होता है !

Vazib Khan ने कहा…

Momin bhaiyo ye sab jo aap in kafiro se sawal jwab krte Ho.
Ye sab galt h.
Ye Kay Islam ko define krenge jo khud jahiliyat me fase h.
Inhe mat samjao or kehdo ki hm bina kisi dalil ke Islam ko saccha mante h.

"हमारी अन्जुमन" को ज़यादा से ज़यादा लाइक करें !

Read All Articles, Monthwise

Blogroll

Interview PART 1/PART 2

Popular Posts

Followers

Blogger templates

Google+ Followers

Labels

 
Support : Creating Website | Johny Template | Mas Template
Proudly powered by Blogger
Copyright © 2011. हमारी अन्‍जुमन - All Rights Reserved
Template Design by Creating Website Published by Mas Template